भपंग वादक जहुर खाॅ मेवाती का मेवाती लोक

कला मे योगदान और जीवन परिचय भपंग वादक जहुर खाॅ मेवाती का जन्म 1941 को पिता कंवर नाथ, माता महकबी के कोख से लपाडा जिला अलवर मे हुआ। जहुर खाॅ के पिता जोगिया सारंगी के अच्छे बजवैया थे। बडे भईया सारंगी बजाते थे। सकुर खाॅ बात किस्सा कथा वाचक के रूप मे कहते थे। जहुर खाॅ के पूर्वज- दादा दिलदार, दादा…

भपंग

भपंग एक डमरू नुमा एक तंतु लय प्रदान लोक वाद्य है। मुस्लिम जोगियो द्धारा षिव रात्री पर षिवालयो मे षिव स्तुति मे बजाया जाता है। भपंग का जन्म भी इस्माईल नाथ जोगी ने किया था। भपंग पहले कडवी लौकी का होता था। जहुर खाॅ मेवाती पहली बार लकडी का भपंग बजाने लगे तथा बकरे के…

मेवात

राजस्थान प्रदेष मे कई प्रकार के जोगी पंथ है। राजस्थान को कई क्षेत्रो मे बांटा गया है जो रजवाडो के समय से ही जाना जाता है। दोहाः- मारवाड मेवाड हाडौती, ढुंढाडी षेखावाटी छः सैक्टर राजस्थान मे ब्रज संग है मेवाती मेवात अंचल पूर्वी राजस्थान के दो जिले अलवर,भरतपुर की कुछ तहसीले आती है जैसे लक्ष्मणगढ,राजगढ,किषनगढ,तिजारा,रामगढ,अ…

जोगी

जोगी षब्द जुबान पे आते ही ज्ञात होता है की मांग खाकर जीवन यापन करने वाली जाति की बात है जोगी जाति का इतिहास बहुत पुराना है देवो के देव महादेव अपनी तपस्या मे लीन रहते थे। मन मे विचार आया की लीला की जाय,महादेव ने लीला रची।   1 जोगियो की उत्पत्तिः महादेव की…